उस दिन की कहानी है जब एक व्यक्ति सारी दुनिया के सामने एक ऐसी नींव रखी जिसे जानकर आप चकित हैरान हो जाएंगे यह बात हम सभी जानते हैं कि कभी ना कभी हम काम धंधा करने से दर किनारा कस लेते हैं यही सब कारण है जिस नाते हम सभी पीछे रह जाते हैं
परंतु हम में से ऐसे भी लोग होते हैं जो लोग हम लोगों से हटकर काम करते हैं वह लोग यह कभी नहीं देखते कि हमारे पास क्या है बल्कि वह लोग यह सोचते हैं हमारे पास क्या नहीं है और उस चीजों कैसे काम करें की हाशिल कर सके आइए जानते हैं एक ऐसे इंसान की प्रेरणादायक कहानी
इस समय क्या बात है जब दिल्ली में रहने वाले एक व्यक्ति जो थोड़ा पढ़ा लिखा था नौकरी के लिए दर-दर भटक रहा था एक दिन एक ऑफिस में गया उसको साफ सफाई करने के लिए कहां गया तो वह बच्चा बहुत गरीब घर परिवार से था उसको नौकरी की सख्त जरूरत थी उसने बड़े ही लगन से सब काम कर डालें जो मालिक ने उसे बताया था
उसका काम को देख कर मालिक बहुत तेजी से ठहाका मारकर हश पड़ा फिर बोला मै तुम्हारे काम से बहुत खुश हु अपना फ़ोन नम्बर दे जाओ जब अवसक्ता होगी तो हम तुम्हे बुला लेंगे
वह लड़का बोलता है की शाहब हम बहुत गरीब हु मोबाइल चलने मेरी औकात नहीं है आप दया करे हमको नौकरी पर रख ले देखो हम जानते है की तुम उस नौकरी के लायक हो लेकिन तुम्हारे पास फ़ोन ना होने के कारण तुमको यह नौकरी नहीं मिल सकेगी इस सब देख उस बालक को बड़ी निराशा हुयी वह वहा से निकला चल पड़ा
वहां से निकलने के बाद रास्ते में चलते चलते मूंगफली खरीद लेता है एक जगह अपना सुनना शुरू कर देता है पूरा मूंगफली के जाने के बाद उसे थोड़ा बहुत जरूर मुनाफा हुआ वह फिरउसने देखा कि यहां पर मूंगफली का दुकान नहीं है वहां से बाजार काफी दूर था इसलिए कोई भी जाने से नहीं जाना चाहता था उसके पास ₹1000 पड़े हुए थे ठंडी का दिन था वह बाजार गया और वहां से पुरे पैसे से भी मूंगफली खरीद लाया
मुगफली कड़ी ठंडी में बाजार से घर लेकर आ गया वही अपने ही मुहल्ले में घूम-घूम कर बेचना सुरु कर दिया कुछ ही देरी में उसने एक बोरी मुगफली बेच दिया उसे अच्छा मुनाफा हुआ फायदे को देखते हुए उसे अधिक मजा आया फिर वह रोज-रोज ऐसे ही करता रहा अभी तक वह काफी आगे बढ़ चुका था उसके पहले वह दुसरो के गाडी में जाता था अब वह अपनी खुद की गाडी ले ली है
कुछ दिन ऐसे ही बीते उस मुगफली वाले ने दूसरी गाडी भी लेली यह कोई कुदरत का करिश्मा नहीं बल्कि उसके ज्ञान और लगन का फल था कुछ वक्त लगने के बाद वह ब्यक्ति बहुत अच्छे मुकाम पर पहुंच गया ऐरिया में उसकी खूब प्रसंशा होने लगी वह एक सम्पन्न इंसान बन गया
कुछ दिनों के बाद उसने शादी कर लिया 1 वर्ष के बाद उसके घर में एक नन्हे से बच्चे का जन्म हुआ उसको कोई चीज की दिक्कत नहीं थी जब वह सब टेंशन से मुक्त हुआ तब उसने सोचा क्यों ना हम बैंक में रुपया जमा करना शुरू करें
कुछ ही दिन बीते हुए थे ढेर सारे पैसे इकट्ठा कर लिए गांव में उसके बराबरी का अब कोई नहीं था अधिक पैसा होता देख अपना काम और तेजी से शुरू कर दिया उसके बाद दूसरा एक और गाड़ी ले लिया अब तो ठाट वाट अलग सा ही हो गया यही कारण है लगन और मेहनत यह ऐसी कुंजी है जिससे हर एक मुश्किलों को खोला जा सकता है
अभी कुछ बाकी है
