एक चोर की कहानी | Kutte ki wafadari Story in Hindi

Vah Ek Chor Hai
चोर की कहानी


एक चोर बहुत ज्यादा चालाक था । वह एक रात को किसी गृहस्थ के घर चोरी करने लगा । गृहस्थ ने एक कुत्ता पाल रखा था । कुत्ता बड़ा स्वामीभक्त था । वह रात - रात भर जागता कुकुर निदिया सोता और घर की रखवाली करता था । 

चोर को देखते ही उसने जोर - जोर से गुरांना और भौंकना शुरू कर दिया । चोर ने सोचा - पहले कुत्ते का मुख बन्द करना चाहिए , नहीं तो वह भौक - भौंक कर घर वालों को जगा देगा और मुझे यहाँ से खाली हाथ रफू - चक्कर होना पड़ेगा । 

बस उसने चतुराई और चालाकी से काम लिया और लगा कुत्ते को बार - बार पुचकारने तथा उसके सामने मांस के टुकड़े फेंकने । कुत्ता भी कुछ कम अक्लमंद नहीं था । वह लगा जल्दी - जल्दी मांस के टुकड़े निगलने और चोर को जली - कटी सुनाने लगा । तुमको देखते ही मुझे सन्देह हो गया था कि तुम भले आदमी नहीं हो तभी तो मुझे फुसलाने के लिए पुचकारते हो और मांस के टुकड़े भी खिलाते हो । 

परन्तु मैं जानता हूँ कि रिश्वत के लोभ से काम निकलवाने वाला आदमी भला नहीं होता । अच्छा है तुम मुझे पुचकारते जाओ मांस के टुकड़े भी खिलाते जाओ । परन्तु मैं अपने कर्त्तव्य से मुख नहीं मोडूंगा । लगातार शोर करूँगा और तुम्हें पकड़वा दूँगा । कुत्ते के ये शब्द सुने तो चोर निराश हो गया और धीरे - धीरे वहाँ से चलता बना ।

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