अन्नामलाईयार मंदिर | Annamalaiyar Temple

 

पूरी दुनिया में एक से बढ़कर एक प्रसिद्ध मंदिर हैं।  कुछ अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध हैं तो कुछ अपनी कलाकृति के लिए प्रसिद्ध हैं।  कुछ प्रसिद्धि के लिए प्रसिद्ध हैं तो कुछ भक्तों की आस्था के लिए।  यह मंदिर हिंदू श्रद्धालुओं की आस्था और आस्था का भी केंद्र है।  हम आपको दुनिया के सबसे बड़े मंदिरों के बारे में बताते हैं।  इनमें से अधिकांश मंदिर केवल भारत में ही स्थित हैं।

अन्नामलाईयार मंदिर (Annamalaiyar Temple)

    तमिलनाडु में अन्नामलाईयार मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर है।  इसमें चार मीनारें और चार पत्थर की दीवारें हैं जो इसे एक किले का रूप देती हैं।  इसकी सतह 101171 वर्ग मीटर है।  यह मंदिर 'अग्नि' का प्रतिनिधित्व करता है और इस मंदिर के मुख्य शिव लिंग को 'अग्नि लिंग' कहा जाता है।  इस मंदिर में देवी पार्वती को 'अन्नामुलाई अम्मन' के रूप में पूजा जाता है।

Pic credit: sumeru_holidays

तिरुवन्नामलाई का दूसरा नाम क्या है (tiruvannaamalaee ka doosara naam kya hai)

तिरुवन्नामलाई को तमिल नाडु राज्य की राजधानी के रूप में जाना जाता है। यह भारत के दक्षिणी भाग में स्थित है। इसका अंग्रेज़ी नाम "Chennai" है।

तिरुवन्नामलाई मंदिर क्यों प्रसिद्ध है (tiruvannaamalaee mandir kyon prasiddh hai)

तिरुवन्नामलाई मंदिर भारत के तमिलनाडु राज्य के चेन्नई शहर में स्थित है और यह भगवान विष्णु को समर्पित है। यह मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों में से एक है।

तिरुवन्नामलाई मंदिर का निर्माण 7वीं से 8वीं शताब्दी के बीच में हुआ था और इसे चोल वंश के राजा नरसिंह ने बनवाया था। इस मंदिर में भगवान विष्णु के चौबीस अवतारों की मूर्तियां हैं।

बेलूर मठ क्यों प्रसिद्ध है बेलूर मठ की स्थापना किसने की थी 

तिरुवन्नामलाई मंदिर के अलावा, यहां का अन्य महत्वपूर्ण स्थान है कि यह मंदिर बैंगन की तरह ऊपर से बिलकुल पुरे तरह से सफेद नहीं है। इसके अलावा, यहां का वास्तुकला बहुत खूबसूरत है जो इस मंदिर को आकर्षक बनाती है। इसलिए तिरुवन्नामलाई मंदिर हिंदू धर्म के एक प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है और यह पर्यटन स्थल के रूप में भी जाना जाता है।

क्या हम तिरुवन्नामलाई पहाड़ी पर चढ़ सकते हैं (kya ham tiruvannaamalaee pahaadee par chadh sakate hain)

तिरुवन्नामलाई पहाड़ी पर चढ़ाई नहीं की जा सकती है क्योंकि यह पहाड़ी एक मंदिर है जिसे श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों के लिए खोला गया है और इसमें आमतौर पर केवल मंदिर के पुजारियों को प्रवेश दिया जाता है।

तिरुवन्नामलाई मंदिर को पहुंचने के लिए, आपको मंदिर के नजदीकी बाजार में आना होगा और फिर आपको टैक्सी, आटोरिक्शा या जिप की सुविधा का उपयोग करना होगा जो आमतौर पर मंदिर के निकट उपलब्ध होती हैं।

इसलिए, तिरुवन्नामलाई मंदिर पर चढ़ाई नहीं की जा सकती है लेकिन आप मंदिर तक पहुंच सकते हैं और अपनी आस्था के साथ इस मंदिर के दर्शन कर सकते हैं।

तिरुवन्नामलाई मंदिर किस जिले में है (tiruvannaamalaee mandir kis jile mein hai)

तिरुवन्नामलाई मंदिर भारत के तमिलनाडु राज्य के तिरुवन्नामलाई जिले में स्थित है।

तमिलनाडु में शिव भक्तों को क्या कहा जाता है (tamilanaadu mein shiv bhakton ko kya kaha jaata hai)

तमिलनाडु में शिव भक्तों को "नायन्मार" कहा जाता है। नायन्मार शब्द तमिल भाषा में उन बहुत सारे संतों के लिए इस्तेमाल होता है, जो शिव भक्ति में विशेष रूप से लगे थे और तमिलनाडु के इतिहास, संस्कृति और धार्मिक विरासत का अहम हिस्सा हैं। नायन्मार का अर्थ होता है "नायनार" यानी "शिव के भक्त"। नायन्मार की कहानियां और कथाएं तमिलनाडु में सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

तिरुवन्नामलाई का दूसरा नाम क्या है (tiruvannaamalaee ka doosara naam kya hai)

तिरुवन्नामलाई का दूसरा नाम "श्रीशैलम" है। श्रीशैलम भारत के आंध्र प्रदेश राज्य में स्थित है और यह एक प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थल है। श्रीशैलम में महाशिवरात्रि, कार्तिक पूर्णिमा और महालया अमावस्या जैसे कुछ महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं। श्रीशैलम में श्री मल्लिकार्जुन स्वामी जी के मंदिर का निर्माण भगवान श्रीमन्न नाथ महाराज ने करवाया था।

तिरुवन्नामलाई में कितने दिन चाहिए (tiruvannaamalaee mein kitane din chaahie)

तिरुवन्नामलाई जाने के लिए आपको कम से कम 2-3 दिन की छुट्टी लेनी चाहिए। यहां आप श्रीमल्लिकार्जुन स्वामी जी के मंदिर दर्शन कर सकते हैं और श्रद्धालुओं के लिए कई अन्य पूजापाठ का आयोजन होता है। श्रीशैलम में भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग का भी दर्शन किया जा सकता है। इसके अलावा, श्रीशैलम में कई ऐतिहासिक स्थल हैं जैसे कि पांच पांडव गुप्त खोज गुफा, भवानी दीप, ज्योतिष्कोन टेम्पल आदि। इसलिए, आपको अपनी यात्रा को कम से कम 2-3 दिन के लिए रखना चाहिए ताकि आप शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कर सकें।

बृहदीश्वर मंदिर की प्रमुख विशेषता क्या है (brhadeeshvar mandir kee pramukh visheshata kya hai)

बृहदीश्वर मंदिर भारत के तमिलनाडु राज्य में स्थित है और यह दक्षिण भारत के सबसे प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों में से एक है। इस मंदिर की प्रमुख विशेषता इसके शिखर का विस्तार है, जो यहां के प्रतिमानों में से एक सबसे ऊँचा है। इस मंदिर के शिखर की ऊँचाई 216 फीट है और इसे दक्षिण भारत में सबसे ऊँचा शिखर वाले हिंदू मंदिर के रूप में जाना जाता है।

इस मंदिर के अलावा, इसकी अन्य महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक उसका संगमरमर से बना महामंडप है, जिसमें एक विशाल नंदी स्थापित है। इसके अलावा, मंदिर में अन्य उपलब्धियों में शामिल हैं - एक प्राचीन शिवलिंग, श्रीरंगनाथ स्वामी मंदिर, गणेश मंदिर, माता पर्वती के मंदिर और नंदी मंदिर आदि। इस मंदिर की ऐतिहासिक और स्थापत्य कला की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण विशेषताओं के कारण यह विश्व धरोहर के रूप में माना जाता है।

तमिलनाडु का प्रसिद्ध प्रांत कौन सा है (tamilanaadu ka prasiddh praant kaun sa hai)

तमिलनाडु भारत का एक प्रसिद्ध राज्य है और उसमें कई प्रसिद्ध प्रांत हैं। इनमें से कुछ प्रसिद्ध प्रांत हैं - चेन्नई, मदुरै, कोयंबटूर, सालेम, तिरुचिरापल्ली, कन्याकुमारी और तिरुवल्लुर।


और नया पुराने